७. पञ्हावारो
पच्चयचतुक्कं
हेतुपच्चयादि
५१३. हेतु अज्झत्तो धम्मो हेतुस्स अज्झत्तस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.
हेतु अज्झत्तो धम्मो हेतुस्स अज्झत्तस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… नव.
हेतु अज्झत्तो धम्मो हेतुस्स अज्झत्तस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति, सहजाताधिपति… तीणि.
नहेतु अज्झत्तो धम्मो नहेतुस्स अज्झत्तस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति, सहजाताधिपति… तीणि.
हेतु अज्झत्तो च नहेतु अज्झत्तो च धम्मा हेतुस्स अज्झत्तस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति… तीणि (संखित्तं).
५१४. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते तीणि, पच्छाजाते तीणि, आसेवने नव, कम्मे तीणि, विपाके नव, आहारे तीणि, इन्द्रिये नव, झाने तीणि, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, विप्पयुत्ते पञ्च, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव (संखित्तं).
पच्चनीयुद्धारो
५१५. हेतु अज्झत्तो धम्मो हेतुस्स अज्झत्तस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).
५१६. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं).
हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं).
(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि गणितं, एवं गणेतब्बं.)