७. पञ्हावारो
पच्चयचतुक्कं
हेतुपच्चयादि
४४९. हेतु अनियतो धम्मो हेतुस्स अनियतस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.
हेतु अनियतो धम्मो हेतुस्स अनियतस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… नव.
हेतु अनियतो धम्मो हेतुस्स अनियतस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति, सहजाताधिपति… तीणि.
नहेतु अनियतो धम्मो नहेतुस्स अनियतस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति, सहजाताधिपति… तीणि.
हेतु अनियतो च नहेतु अनियतो च धम्मा हेतुस्स अनियतस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति… तीणि (संखित्तं).
४५०. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते तीणि, पच्छाजाते तीणि, आसेवने नव, कम्मे तीणि, विपाके नव, आहारे तीणि, इन्द्रिये नव, झाने तीणि, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, विप्पयुत्ते पञ्च, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव.
पच्चनीयुद्धारो
४५१. हेतु अनियतो धम्मो हेतुस्स अनियतस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).
४५२. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं).
हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं).
(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि गणितं, एवं गणेतब्बं.)
हेतुदुकमिच्छत्तनियतत्तिकं निट्ठितं.