७. पञ्हावारो

पच्चयचतुक्कं

हेतुपच्चयादि

३८५. हेतु परित्तारम्मणो धम्मो हेतुस्स परित्तारम्मणस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.

हेतु परित्तारम्मणो धम्मो हेतुस्स परित्तारम्मणस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… नव.

हेतु परित्तारम्मणो धम्मो हेतुस्स परित्तारम्मणस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

३८६. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, आसेवने नव, कम्मे तीणि, विपाके नव, आहारे तीणि, इन्द्रिये नव, झाने तीणि, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव (संखित्तं).

पच्चनीयुद्धारो

३८७. हेतु परित्तारम्मणो धम्मो हेतुस्स परित्तारम्मणस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

३८८. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं).

हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).

नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं).

(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि गणितं, एवं गणेतब्बं.)