७. पञ्हावारो
पच्चयचतुक्कं
हेतु-आरम्मणपच्चया
३५९. हेतु परित्तो धम्मो हेतुस्स परित्तस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.
हेतु परित्तो धम्मो हेतुस्स परित्तस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).
३६०. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव…पे… अविगते नव (संखित्तं).
पच्चनीयुद्धारो
३६१. हेतु परित्तो धम्मो हेतुस्स परित्तस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).
३६२. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं).
हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं).
(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि गणितं, एवं गणेतब्बं.)