७. पञ्हावारो
पच्चयचतुक्कं
हेतुपच्चयादि
३५१. हेतु नेवसेक्खनासेक्खो धम्मो हेतुस्स नेवसेक्खनासेक्खस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.
हेतु नेवसेक्खनासेक्खो धम्मो हेतुस्स नेवसेक्खनासेक्खस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… नव.
हेतु नेवसेक्खनासेक्खो धम्मो हेतुस्स नेवसेक्खनासेक्खस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – आरम्मणाधिपति, सहजाताधिपति… नव…पे….
नहेतु नेवसेक्खनासेक्खो धम्मो नहेतुस्स नेवसेक्खनासेक्खस्स धम्मस्स पुरेजातपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).
३५२. हेतुया तीणि, आरम्मणे नव, अधिपतिया नव, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, पुरेजाते तीणि, पच्छाजाते तीणि, आसेवने नव, कम्मे तीणि, विपाके नव, आहारे तीणि, इन्द्रिये नव, झाने तीणि, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, विप्पयुत्ते पञ्च, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव (संखित्तं).
पच्चनीयुद्धारो
३५३. हेतु नेवसेक्खनासेक्खो धम्मो हेतुस्स नेवसेक्खनासेक्खस्स धम्मस्स आरम्मणपच्चयेन पच्चयो… सहजातपच्चयेन पच्चयो… उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).
३५४. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं).
हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).
नहेतुपच्चया आरम्मणे नव (संखित्तं).
(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि गणितं एवं गणेतब्बं.)
हेतुदुकसेक्खत्तिकं निट्ठितं.