७. पञ्हावारो

पच्चयचतुक्कं

हेतुपच्चयादि

३३४. हेतु सेक्खो धम्मो हेतुस्स सेक्खस्स धम्मस्स हेतुपच्चयेन पच्चयो… तीणि.

हेतु सेक्खो धम्मो हेतुस्स सेक्खस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – सहजाताधिपति… तीणि.

नहेतु सेक्खो धम्मो नहेतुस्स सेक्खस्स धम्मस्स अधिपतिपच्चयेन पच्चयो – सहजाताधिपति… तीणि.

हेतु सेक्खो धम्मो हेतुस्स सेक्खस्स धम्मस्स अनन्तरपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

३३५. हेतुया तीणि, अधिपतिया छ, अनन्तरे नव, समनन्तरे नव, सहजाते नव, अञ्ञमञ्ञे नव, निस्सये नव, उपनिस्सये नव, कम्मे तीणि, विपाके नव, आहारे तीणि, इन्द्रिये नव, झाने तीणि, मग्गे नव, सम्पयुत्ते नव, अत्थिया नव, नत्थिया नव, विगते नव, अविगते नव (संखित्तं).

पच्चनीयुद्धारो

३३६. हेतु सेक्खो धम्मो हेतुस्स सेक्खस्स धम्मस्स सहजातपच्चयेन पच्चयो, उपनिस्सयपच्चयेन पच्चयो (संखित्तं).

३३७. नहेतुया नव, नआरम्मणे नव (संखित्तं).

हेतुपच्चया नआरम्मणे तीणि (संखित्तं).

नहेतुपच्चया अधिपतिया तीणि (संखित्तं).

(यथा कुसलत्तिके पञ्हावारस्स अनुलोमम्पि पच्चनीयम्पि अनुलोमपच्चनीयम्पि पच्चनीयानुलोमम्पि नणितं, एवं गणेतब्बं.)