४. पच्चयपच्चनीयानुलोमं
नहेतुदुकं
११५. नहेतुपच्चया आरम्मणे एकवीस, अधिपतिया दस, अनन्तरे सत्तरस, समनन्तरे सत्तरस, सहजाते सत्तरस, अञ्ञमञ्ञे एकादस, निस्सये सत्तरस, उपनिस्सये एकवीस, पुरेजाते पञ्च, पच्छाजाते पञ्च, आसेवने सत्तरस, कम्मे सत्त, विपाके एकं, आहारे सत्त, इन्द्रिये सत्त, झाने सत्त, मग्गे सत्त, सम्पयुत्ते एकादस, विप्पयुत्ते नव, अत्थिया सत्तरस, नत्थिया सत्तरस, विगते सत्तरस, अविगते सत्तरस (एवं गणेतब्बं).
पच्चनीयानुलोमं.
पञ्हावारो.
दस्सनेनपहातब्बहेतुकत्तिकं निट्ठितं.