४. पच्चयपच्चनीयानुलोमं
६५. नहेतुपच्चया आरम्मणे छ…पे… पुरेजाते छ, आसेवने पञ्च, कम्मे छ…पे… झाने छ, मग्गे तीणि, सम्पयुत्ते छ…पे… अविगते छ.
पच्चनीयानुलोमं
६५. नहेतुपच्चया आरम्मणे छ…पे… पुरेजाते छ, आसेवने पञ्च, कम्मे छ…पे… झाने छ, मग्गे तीणि, सम्पयुत्ते छ…पे… अविगते छ.
पच्चनीयानुलोमं