३. ओवादवग्ग, ३-४. भिक्खुनुपस्सय, आमिस सिक्खापुच्छा
पुच्छा – भिक्खुनुपस्सयं आवुसो उपसङ्कमित्वा भिक्खुनियो ओवदन्तस्सच आमिसहेतु थेरा भिक्खू भिक्खुनियो ओवदन्तीति भणन्तस्सच पाचित्तियं भगवता कत्थ पञ्ञत्तं, कं आरब्भ किस्मिं वत्थुस्मिं पञ्ञत्तं.
विस्सज्जना – भिक्खुनुपस्सयं उपसङ्कमित्वा भिक्खुनियो ओवदन्तस्स पाचित्तियं भन्ते सक्केसु छब्बग्गिये भिक्खू आरब्भ पञ्ञत्तं, छब्बग्गिया भन्ते भिक्खू भिक्खुनुपस्सयं उपसङ्कमित्वा भिक्खुनियो ओवदिंसु, आमिसहेतु थेरा भिक्खू भिक्खुनियो ओवदन्तीति भणन्तस्स पाचित्तियं सावत्थियं छब्बग्गिये भिक्खू आरब्भ पञ्ञत्तं, छब्बग्गिया भन्ते भिक्खू आमिसहेतु थेरा भिक्खू भिक्खुनियो ओवदन्तीति भणिंसु, तस्मिं भन्ते वत्थुस्मिं पञ्ञत्तं.