१. उपसम्पादेतब्बसुत्तं
२५१. [महाव. ८४] ‘‘पञ्चहि, भिक्खवे, धम्मेहि समन्नागतेन भिक्खुना उपसम्पादेतब्बं. कतमेहि पञ्चहि? इध, भिक्खवे, भिक्खु असेखेन सीलक्खन्धेन समन्नागतो होति; असेखेन समाधिक्खन्धेन समन्नागतो होति; असेखेन पञ्ञाक्खन्धेन समन्नागतो होति; असेखेन विमुत्तिक्खन्धेन समन्नागतो होति; असेखेन विमुत्तिञाणदस्सनक्खन्धेन समन्नागतो होति. इमेहि खो, भिक्खवे, पञ्चहि धम्मेहि समन्नागतेन भिक्खुना उपसम्पादेतब्ब’’न्ति. पठमं.