३. मित्तसुत्तं
१३६. ‘‘तीहि, भिक्खवे, अङ्गेहि समन्नागतो मित्तो सेवितब्बो. कतमेहि तीहि? ( ) [(इध भिक्खवे भिक्खु) (पी. क.)] दुद्ददं ददाति, दुक्करं करोति, दुक्खमं खमति – इमेहि खो, भिक्खवे, तीहि अङ्गेहि समन्नागतो मित्तो सेवितब्बो’’ति. ततियं.
१३६. ‘‘तीहि, भिक्खवे, अङ्गेहि समन्नागतो मित्तो सेवितब्बो. कतमेहि तीहि? ( ) [(इध भिक्खवे भिक्खु) (पी. क.)] दुद्ददं ददाति, दुक्करं करोति, दुक्खमं खमति – इमेहि खो, भिक्खवे, तीहि अङ्गेहि समन्नागतो मित्तो सेवितब्बो’’ति. ततियं.