१३. ततियमोरनिवापसुत्तं
१४६. ‘‘तीहि, भिक्खवे, धम्मेहि समन्नागतो भिक्खु अच्चन्तनिट्ठो होति अच्चन्तयोगक्खेमी अच्चन्तब्रह्मचारी अच्चन्तपरियोसानो सेट्ठो देवमनुस्सानं. कतमेहि तीहि? सम्मादिट्ठिया, सम्माञाणेन, सम्माविमुत्तिया – इमेहि खो, भिक्खवे, तीहि धम्मेहि समन्नागतो भिक्खु अच्चन्तनिट्ठो होति अच्चन्तयोगक्खेमी अच्चन्तब्रह्मचारी अच्चन्तपरियोसानो सेट्ठो देवमनुस्सान’’न्ति. तेरसमं.
योधाजीववग्गो चुद्दसमो.