८. निगण्ठसुत्तं

७८. ‘‘दसहि, भिक्खवे, असद्धम्मेहि समन्नागता निगण्ठा. कतमेहि दसहि? अस्सद्धा, भिक्खवे, निगण्ठा; दुस्सीला, भिक्खवे, निगण्ठा; अहिरिका, भिक्खवे, निगण्ठा; अनोत्तप्पिनो, भिक्खवे, निगण्ठा; असप्पुरिससम्भत्तिनो, भिक्खवे, निगण्ठा; अत्तुक्कंसकपरवम्भका, भिक्खवे, निगण्ठा; सन्दिट्ठिपरामासा आधानग्गाही दुप्पटिनिस्सग्गिनो, भिक्खवे, निगण्ठा; कुहका, भिक्खवे, निगण्ठा; पापिच्छा, भिक्खवे, निगण्ठा; पापमित्ता, भिक्खवे, निगण्ठा – इमेहि खो, भिक्खवे, दसहि असद्धम्मेहि समन्नागता निगण्ठा’’ति. अट्ठमं.